चुनाव से पहले बिहार में सियासी हलचल तेज, जीतनराम मांझी ने महागठबंधन को दिया झटका

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

पटना । बिहार चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्‍यमंत्री और हम पार्टी के केंद्रीय अध्‍यक्ष ने महागठबंधन को झटका दिया है। पार्टी गठबंधन से अलग हो गई है। अब हम के एनडीए गठबंधन के साथ जाने का कयास लगाया जा रहा है।

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले दोस्ती टूटने और नए रिश्ते बनने का सिलसिला जारी है। जीतन राम मांझी की पार्टी हम ने महागठबंधन से नाता तोड़ लिया है। उससे अलग हो गई है। पार्टी की कोर कमेटी ने फैसला लिया है कि वह अब महागठबंधन का हिस्सा नहीं रहेंगी। माना जा रहा है कि जीतन राम मांझी जेडीयू के साथ जा सकते हैं।

बताया जा रहा है कि जीतनराम मांझी की घर वापसी को लेकर जेडीयू की तरफ से पिछले कई महीनों से कवायद हो रही है। जेडीयू चाहती है कि मांझी की पार्टी हम का पूरी तरह से जेडीयू में विलय हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं होने की सूरत में मांझी की पार्टी के साथ कुछ सीटों पर समझौते का फॉर्मूला तय किया जा रहा है।

हम की कोर कमेटी की हुई बैठक में पार्टी ने महागठबंधन से अलग होने का फैसला कर लिया गया है। हालांकि, अभी तय नहीं हुआ है कि जीतनराम मांझी की पार्टी जेडीयू से हाथ मिलाएगी या नहीं। वैसे, सूत्रों का कहना है कि जेडीयू और मांझी के बीच डील हो चुकी है।

पिछले दिनों ही श्याम रजक जेडीयू छोड़कर आरजेडी में आए हैं। इस दौरान श्याम रजक ने नीतीश सरकार दलित विरोधी कहा था। उन्होंने कहा था कि बिहार का कोई ऐसा थाना नहीं है, जहां दलितों के साथ हत्या, बलात्कार और छेड़खानी नहीं होती।

श्याम रजक के बयान पर जीतनराम मंझी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि श्याम रजक मंत्रिमंडल में इतने दिनों तक लाभ लेने के बाद चुनाव के समय में नीतीश कुमार को दलित विरोधी कह रहें हैं, जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है। मांझी के इस बयान को उनकी घर वापसी से जोड़कर देखा जा रहा था।

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