खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में लाये जाने हैं सभी दिव्यांगों को

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  • केंद्र ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए

दैनिक झारखंड न्‍यूज

नई दिल्‍ली । राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के दायरे में सभी पात्र दिव्यांगों को शामिल किया जाना है। इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भेजे हैं। इस अधिनियम की धारा 38 में कहा गया है कि केंद्र सरकार को इसके प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए समय-समय पर राज्य सरकारों को निर्देश देना चाहिए।

विभाग ने सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि सभी दिव्यांग व्यक्ति, जो एनएफएसए के तहत लाभार्थियों के पहचान मानदंड के अनुसार पात्र हैं, उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत कवर किया जाए। इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उन्हें एनएफएसए और पीएमजीकेएवाई के तहत अपने हक का खाद्यान्न कोटा प्राप्त हो।

केंद्र ने कहा है कि जिन लोगों को पहले से कवर नहीं किया गया है, उन्हें पात्रता मानदंड के अनुसार नए राशन कार्ड जारी करके कवर किया जाए। इस बात को भी दोहराया गया है कि दिव्यांगता दरअसल अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) घरों के तहत लाभार्थियों को शामिल करने के मानदंडों में से एक है। इसलिए है, क्योंकि दिव्यांग व्यक्ति समाज का कमजोर वर्ग हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में अंत्योदय अन्न योजना के तहत व्यक्तियों की कवरेज का प्रावधान है, जो उक्त योजना के लिए लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार हो। ऐसे दिशा-निर्देशों के अनुसार जो संबंधित राज्य की सरकार निर्दिष्ट करे उस प्रकार शेष घरों को प्राथमिकता वाले घरों के रूप में कवर किया जाए।

भारत सरकार का आत्म निर्भर भारत पैकेज उन व्यक्तियों के लिए है, जो एनएफएसए या किसी भी राज्य योजना पीडीएस कार्ड के अंतर्गत नहीं आते हैं। इसलिए दिव्यांग व्यक्ति बिना राशन कार्ड के भी आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत लाभ पाने के लिए पात्र हैं। यह योजना 31 अगस्त 2020 को समाप्त हो जाएगी। इसमें अभी एक सप्ताह शेष है, इसलिए इस विभाग ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया है कि वे ऐसे दिव्यांग व्यक्तियों की पहचान करें, जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं। उन्हें आत्म निर्भर भारत पैकेज के तहत लाभ प्रदान करें। इस पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह योजना मई 2020 में शुरू हुई थी।

यह माना गया था कि दिव्यांगों समेत बगैर राशन कार्ड वाले सभी पात्र लाभार्थियों को कवर कर लिया गया होगा। ऐसा समझा गया है कि अभी तक जो राशन उठाया गया है, उसका उपयोग राज्यों द्वारा दिव्यांगों सहित बिना राशन कार्ड वाले पात्र लाभार्थियों को वितरित करने के लिए किया गया है। राज्यों से इस संबंध में सक्रिय कदम उठाने का अनुरोध किया जाता है।

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