Tata Steel में शुरू हुआ एजाइल वर्किंग मॉडल, एक साल तक घर से काम करेंगे अफसर

0

दैनिक झारखंड न्‍यूज

मुंबई । टाटा स्टील एक भरोसेमंद और परिणाम-आधारित कार्य-संस्कृति की ओर बढ़ रही है। अपने कर्मचारियों को अधिक लचीलापन देने के लिए कंपनी ने इस महीने से प्रभावी ‘एजाइल वर्किंग मॉडल्स’ नीति शुरू की है।

इस नए कामकाजी मॉडल के तहत किसी खास लोकेशन में रहने की आवश्यकता वाले अधिकारी भी एक वर्ष में असीमित दिनों तक घर से कार्य कर सकते हैं। कार्य का यह मॉडल एक नवंबर, 2020 से प्रभावी हो चुका है। एक बार जब महामारी की स्थिति सामान्य हो जाती है तो एजाइल वर्किंग मॉडल नीति अफसरों को अपनी पसंद के किसी लोकेशन में जाने में सक्षम बनाएगी, जिससे कर्मचारी को देश में किसी भी लोकेशन से काम करने की सुविधा मिलेगी।

यह नीति टाटा स्टील के लिए अधिक चुस्त, फ्यूचर रेडी होने और अपने एक अधिक ठोस कर्मचारी मूल्य प्रस्ताव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसे एक वर्ष के लिए संचालित किया जाएगा। इसके बाद नीति की समीक्षा की जाएगी।

टाटा स्‍टील के वीपी (एचआरएम) सुरेश दत्त त्रिपाठी ने कहा कि यह नीति मॉनिटरिंग से विश्वास और परिणाम-आधारित कार्य संस्कृति के निर्माण की ओर मानसिकता में एक बदलाव है। फ्लेक्सीबल वर्किंग ना केवल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक कार्यस्थल बनाने का संस्थान के संकल्प को चित्रित करता है, बल्कि समूचे भौगोलिक क्षेत्रों में अपने विविध कार्यबल की जरूरतों को पूरा करने के इसके इरादे को भी मजबूत करता है। इस महामारी ने हमें उत्पादकता के लिए कार्यालय के माहौल में काम के निश्चित घंटों पर निर्भर होने की पारंपरिक सोच से निकलने और रिमोट वर्किंग के कई मिथकों को दूर करने में मदद की है।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि यह नीति बेहतर कार्य-जीवन संतुलन सुनिश्चित करेगी। रहने की जगह चुनने के लिए अधिक लचीलापन देगी। नये माता-पिता को उनकी सुविधा के अनुसार काम के अवसर प्रदान करेगी। दिव्यांगों के लिए उनके संबंधित कार्य के अनुकूल परिवेश में काम की निरंतरता सुनिश्चित करेगी।

श्री त्रिपाठी के अनुसार फ्लेक्सीबल वर्किंग, स्थानों का चयन करने और परिवार को सहयोग देने जैसे जीवन के आवश्यक निर्णय लेने में अधिक स्वतंत्रता प्रदान करता है। चाहे वह नन-ट्रांसफरेबल जॉब के साथ बढ़ती उम्र वाले माता-पिता या पति-पत्नी ही क्यों न हो! यह पूरे देश से हमारी प्रमुख प्रतिभा को जोड़े रखने और उन्हें समृद्ध करने में मदद करेगा। स्थान की भूमिका को लेकर संशय में रहने वाले कार्यबल को आकर्षित करेगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.