लोकसभा में उठा करमा पर राष्‍ट्रीय अवकाश घोषित करने का मामला

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

नई दिल्ली । आदिवासियों के करमा त्योहार को राष्ट्रीय त्योहारों की सूची में शामिल कर इस अवसर पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने का मामला लोकसभा में उठा। गुरुवार को लोक शून्य काल के दौरान चतरा के सांसद सुनील कुमार सिंह ने यह मामला उठाया। सांसद ने लोकसभा में कहा कि करमा प्रकृति पूजक आदिवासियों का सबसे बड़ा त्योहार है। इसे झारखंड के अलावा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के सभी राज्यों सहित देश के तमाम आदिवासी बहुल इलाकों में धूमधाम से मनाया जाता है। इस मौके पर पवित्र करम पेड़ की डाली को काटकर पूजन स्थल पर स्थापित किया जाता है। उसकी विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है।

सांसद ने कहा कि वृक्षों के संरक्षण के प्रति इनका समर्पण बेमिसाल है। प्राकृतिक को बरकरार रखने के प्रति इनकी निष्ठा भी अदभुत है। आदिवासी भारत के एकमात्र समुदाय है, जो प्रकृति की गोद में रहते हैं। उनकी पूजा करते हैं। वर्तमान में उनकी सांस्कृतिक विरासत उपेक्षित है। उनकी पहचान और अस्तित्व पर भी संकट मंडरा रहे हैं। पर्यावरण पर मंडराते वैश्विक संकट के मद्देनजर इस समुदाय के रीति-रिवाजों और पर्व-त्योहारों के संरक्षण और संवर्द्धन की जरूरत है।

श्री सिंह ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि आदिवासियों के करमा पर्व को राष्ट्रीय त्योहारों की सूची में शामिल कर इस अवसर पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की अधिसूचना जारी करें।

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