शिक्षकों के वेतन भुगतान में अब नहीं होगी देरी, सरकार करने जा रही है यह व्यवस्था

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  • वेतन भुगतान की व्यवस्था पूर्ण रूप से ऑनलाइन हो जाएगी
  • विपत्र पहुंचने के दो घंटे में ही भुगतान

दैनिक झारखंड न्यूज

पटना । बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें वेतन के लिए लंबे समय तक इंतजार और डीपीओ कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। सरकार उनके वेतन को सीधे उनके खाते में भेजने की व्यवस्था करने जा रही है।

डीपीओ को वेतन विपत्र (पे-स्लीप) की हार्ड कॉपी बैंक को नहीं भेजनी पड़ेगी

गुरुवार को विधान मंडल के कार्रवाई के दौरान उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि शिक्षकों के वेतन भुगतान में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी और बैंक के बीच की व्यवस्था भी ऑनलाइन की जाएगी। प्रयास होगा कि डीपीओ को वेतन विपत्र (पे-स्लीप) की हार्ड कॉपी बैंक को नहीं भेजनी पड़े। वह सिर्फ बैंक को ऑनलाइन जानकारी दें और वहां से शिक्षकों के खाते में पैसा चला जाए। इससे वेतन भुगतान की व्यवस्था पूर्ण रूप से ऑनलाइन हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मामले में अभी कोषागार से डीपीओ तक व्यवस्था ऑनलाइन है। कार्यालय प्रधान जैसे ही शिक्षकों का डाटा स्वीकृत करते हैं उनका वेतन विपत्र तत्काल तैयार कर कोषागार को भेजा जाता है। फिर वहां से डीपीओ के पास जाता है। लेकिन डीपीओ से बैंक तक ऑफ लाइन विपत्र भेजा जाता है। इसमें देरी होती है।

दो लाख 78 हजार 173 राज्यकर्मियों की जानकारी उस पर अपलोड कर दी गई है

उपमुख्यमंत्री ने संजीव कुमार सिंह के प्रश्न पर कहा कि समेकित वित्ती प्रबंधन प्रणाली (सीएफएमएस) लागू होने के बाद दो लाख 78 हजार 173 राज्यकर्मियों की जानकारी उस पर अपलोड कर दी गई है। कुल कर्मियों की संख्या तीन लाख सात हजार 475 है। शेष का डाटा अपलोड हो रहा है। इसके अलावा 67 हजार 620 शिक्षकों में लगभग 62 हजार का डाटा अपलोड हो गया है। शुरू में डाटा अपलोड करने के कारण वेतन देने में थोड़ी परेशानी हुई पर अब पूरी व्यवस्था ऑनलाइन हो गई है। विपत्र पहुंचने के दो घंटे में ही भुगतान होता है। लिहाजा अब देरी का सवाल नहीं है।

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