सूदखोर के चंगुल में फंसे शिक्षक, श्रीलंका जाकर बेची किडनी, फिर भी नहीं चुका पाए कर्ज

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  • 2012 में सात लाख रुपये का कर्ज लिया था
  • 2017 में 15 लाख रुपये चुका दिए

दैनिक झारखंड न्यूज

अहमदाबाद। सूदखोरों द्वारा लोगों को प्रताडि़त किए जाने के मामले अभी थमे नहीं हैं। गुजरात से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक शिक्षक सूदखोरी के चंगुल में फंसा। ये सूदखोर कोई बाहरी नहीं, बल्कि वे भी स्‍वयं शिक्षक ही थे। इन शिक्षकों ने अपने साथी शिक्षक को इतना परेशान कर दिया कि उसे मजबूरी में अपनी किडनी बेचना पड़ी। हालांकि इसके बाद भी वह कर्ज मुक्‍त नहीं हो पाया।

पीड़ित शिक्षक ने पुलिस से मदद मांगी

मामला पुलिस तक पहुंचा है। गुजरात में सूदखोर के चंगुल में फंसे एक शिक्षक ने श्रीलंका जाकर अपनी किडनी बेच दी और सात लाख के बदले 15 लाख रुपये चुकाए। लेकिन इसके बाद भी शिक्षक कर्ज से उबर नहीं सका। सूदखोर ने पैसा वसूलने के लिए जानलेवा हमला किया जिसके बाद पीड़ित शिक्षक ने पुलिस से मदद मांगी। राजाभाई नाम के इस शिक्षक ने प्रताड़ना से तंग आकर हरेश भाई भाटी, देवा राम रबारी, वसवा भाई रबारी, उना भाई रबारी सहित छह लोगों के खिलाफ शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, धमकी देने और जानलेवा हमला करने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस निरीक्षक जेबी चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हरेश भाई भाटी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है।

यह है पूरा मामला

उत्तर गुजरात के बनासकांठा जिले के थराद गांव के राजाभाई पुरोहित ने गत शनिवार रात पुलिस में दी शिकायत में कहा है कि शिक्षक हरेश भाई भाटी व एक अन्य शिक्षक से उन्होंने 2012 में सात लाख रुपये का कर्ज लिया था। 2017 में कर्ज से तंग आकर श्रीलंका जाकर उन्होंने एक अस्पताल में 15 लाख 80 हजार रुपये में अपनी किडनी बेच दी और दोनों शिक्षकों के 15 लाख रुपये चुका दिए थे। इसके बाद भी वे रकम के लिए तकाजा करते रहे। पिछले सप्ताह सूदखोर शिक्षकों ने पैसा नहीं चुकाने पर उन्हें सरकारी नौकरी से बर्खास्त कराने की धमकी दी और उन पर जानलेवा हमला किया।

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