नवोदय विद्यालय में छात्रा की संदिग्ध मौत, पिता बोले- हत्या, स्कूल ने कहा- सुसाइड

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  • लाश हॉस्टल के कमरे के बाहर कॉमन बाथरूम के पास लटकी हुई थी
  • मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग

दैनिक झारखंड न्यूज

डिंडोरी । मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ाई कर रही नाबालिग छात्रा की संदिग्ध मौत का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां छठी कक्षा की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। हॉस्टल में उसके कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। लेकिन परिवार का कहना है कि सुसाइड नोट में उनकी बेटी की हैंडराइटिंग नहीं है। अब वो इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं।

मृतक छात्रा की पहचान भीमखुंडी गांव निवासी 13 वर्षीय मधु मरावी के रूप में हुई है। जवाहर नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में मधु की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। हर कोई हैरान परेशान था कि आखिर उसने फांसी क्यों लगाई। महज 13 साल की लड़की के साथ ऐसा क्या हुआ कि उसने मौत को लगे लगाने का खौफनाक फैसला कर लिया।

पुलिस ने मौके पर जाकर लाश को नीचे उतारा और मधु के कमरे की छानबीन की

पुलिस के मुताबिक मधु मरावी की लाश हॉस्टल के कमरे के बाहर कॉमन बाथरूम के पास लटकी हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर जाकर लाश को नीचे उतारा और मधु के कमरे की छानबीन की। तब पुलिस को वहां एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। छात्रा की मौत की खबर पाकर डीएम और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंच गए।

इस घटना से अन्य छात्राएं भी सहमी हुई थीं। पुलिस ने मधु की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। अब पुलिस के हाथ में वो सुसाइड नोट था, जो मधु के कमरे से बरामद हुआ था। पुलिस उसी को आधार मानकर आगे बढ़ रही थी।

परिवार वालों ने पुलिस को बताया -सुसाइड नोट में उनकी बेटी की हैंडराइटिंग नहीं

छात्रा के परिजनों को सूचना दी जा चुकी थी। लिहाजा, परिवार के लोग पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने मधु के कमरे से बरामद सुसाइड नोट उसके घरवालों को दिखाया। जिसे देखकर परिवार वाले सकते में आ गए। उस सुसाइड नोट में लिखा है कि मधु एक टीचर बनना चाहती है, लेकिन जवाहर नवोदय विद्यालय आने पर उसे लगा कि वह नर्क में आ गई है।

लेकिन मामले में दूसरा मोड़ उस वक्त आया, जब मधु के परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि सुसाइड नोट में उनकी बेटी की हैंडराइटिंग नहीं है। उसके पिता ने दावा करते हुए है कि उनकी बेटी की मौत का मामला संदिग्ध है, लिहाजा इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।

जब जवाहर नवोदय विद्यालय आई थी, तो बहुत खुश थी

मधु के परिजनों ने कहा कि वो जब जवाहर नवोदय विद्यालय आई थी, तो बहुत खुश थी। साथ ही जिस ऊंचाई पर फांसी लगाने के लिए रस्सी बांधी गई थी। वो भी मामले को शक के घेरे में लाता है। परिवार का साफ कहना है कि मधु की मौत आत्महत्या नहीं है।

मामले को आसानी से निपटाने की फिराक में जुटी पुलिस के लिए परिवार का दावा नई चुनौती बनकर सामने आ गया। जिस मामले को पुलिस महज आत्महत्या मानकर निपटाने की कोशिश में थी। अब वह मामला उलझता जा रहा है। परिजनों के दावे से नवोदय विद्यालय का प्रशासन भी निशाने पर है। प्रिंसिपल का कहना है कि मधु ने तनाव में आकर ऐसा किया।

सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा जा रहा

इस मामले में अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस जानना चाहती है कि कहीं मधु के साथ कोई अनहोनी तो नहीं हुई। साथ ही पुलिस ने अब मधु के कमरे से बरामद किए गए सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान मधु की हैंडराइटिंग से कराने का फैसला किया है। इसके लिए सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा जा रहा है।

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