झारखंड के श्यामजीत केकेएफआई और अल्टीमेट खो-खो के साइंटिफिक राष्ट्रीय कैम्प में उत्कृष्टता के लिए प्रयासरत खिलाड़ियों में हुए शामिल

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दैनिक झारखंड न्यूज

नई दिल्ली/रांची । खो खो आलराउंडर झारखंड के श्यामजीत सोरेन हरियाणा के फरीदाबाद में खो खो फेडरेशन ऑफ इंडिया (KKFI) और अल्टीमेट खो-खो (UKK) द्वारा पहली बार आयोजित किए जा रहे स्पोटर्स साइंस आधारित हाई परफार्मेंस एसेसमेंट एवं साइंटिफिक एनालसिस और इवेल्यूशन प्रोग्राम। इसे ‘राइज इन स्पोटर्स एक्सीलेंस’ नाम दिया गया है। इसमें हिस्सा लेते हुए अपने सामने आए इस शानदार मौका का भरपूर उपयोग करते हुए अपने फन को तराशने और निखारने में लगे हुए हैं।

जमशेदपुर के श्यामजीत ने लाकडाउन के दौरान अपने पिता को खो दिया

24 साल के आलराउंडर- श्यामजीत ने यहां तक पहुंचने के लिए कई तरह की बाधाओं का सामना किया है। इन्होंने इस खेल में बने रहने के लिए सालों तक परिवार की खराब वित्तीय स्थिति के कारण कई चुनौतियों को पार किया है। जमशेदपुर के निवासी श्यामजीत ने लाकडाउन के दौरान अपने पिता को खो दिया था और उनके बड़े भाई ने अपनी नौकरी भी गंवा दी थी। तभी से उन पर अपने परिवार के भरणपोषण की जिम्मेदारी आ गई है। इंग्लैंड के साथ 2016 में हुई टेस्ट सीरीज में हिस्सा ले चुके श्यामजीत ने ट्रेनिंग के दौरान ब्रेक पर कहा, ‘’मेरा लक्ष्य भारत के लिए खेलना है। इस लिहाज से यह मेरे लिए स्वर्णिम अवसर है और मैं इसका भरपूर फायदा उठाना चाहता हूं।

आने वाला समय अल्टीमनेट खो खो का है: सीईओ तेनजिंग नियोगी

मैं अल्टीमेट खो खो में खेलने का इच्छुक हूं और वर्तमान प्रशिक्षण से मुझे एक बेहतर खिलाड़ी बनने में मदद मिलेगी। मैं इतना कहना चाहूंगा कि यह एक बेहतरीन पहल है। ’अल्टीमेट खो खो के सीईओ तेनजिंग नियोगी ने कहा, “आने वाला समय अल्टीमनेट खो खो का है। इसके माध्यम से न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में टैग स्पोर्ट्स के लिए एक ब्लॉकबस्टर लीग का वादा है और इस हाई परफार्मेंस कैम्प के माध्यम से हम ऐसे खिलाड़ियों का एक पूल बनाना चाह रहे हैं, जो साहसी और हर लिहाज से विश्व स्तरीय होंगे।” पेशे से वेल्डिंग मशीन आपरेटर श्यामजीत को कोरोना महामारी के दौरान अभ्यास करने में काफी दिक्कत हुई।

श्यामजीत को अपने परिवार को चलाने के लिए वर्कशाप में 8-12 घंटे तक काम करने के बाद टूर्नामेंट्स में खेलने के लिए अपने दोस्तों से पैसा उधार लेना पड़ा। वह मानते हैं कि राष्ट्रीय कैम्प के माध्यम से वह तथा अन्य खिलाड़ी एक्सपर्ट गाइडेंस में जल्दी ही अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमताओं को जल्द ही फिर से हासिल कर लेंगे।

इनमें 18 महिला खिलाड़ी शामिल हैं

18 जनवरी से 16 फरवरी तक चलने वाले इस महीने भर लम्बे कैम्प में श्यामजीत के अलावा देश भर से चुने गए 138 खिलाड़ी और हैं। इनमें 18 महिला खिलाड़ी भी शामिल हैं। बड़े पैमाने पर अनुभवी खेल विज्ञान विशेषज्ञों और डॉक्टरों द्वारा इन सभी की निगरानी की जा रही है ताकि इनकी तकनीकी और साथ ही सामरिक (टैक्टिकल) कमियों को सुधार जा सके। केकेएफआई के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने कहा, “फेडरेशन ने टेस्ट मैचों की अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप की सीरीज शुरू करने की योजना बनाई है। साथ ही जल्द ही घरेलू कैलेंडर को जल्द शुरू करने की योजना है।”

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