नासा ने रचा इतिहास, मानव निर्मित ऑब्जेक्ट ने पहली बार सूर्य के वायुमंडल में किया प्रवेश

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  • कोरोना में सफलतापूर्वक प्रवेश कर लिया
  • साल 2018 में किया गया था लॉन्च

दैनिक झारखंड न्यूज

नई दिल्ली । दिसंबर 1903 में जब पहली बार राइट बंधुओं ने हवाई जहाज उड़ाया था, तब शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि हवाई जहाज की उड़ान भरते के लगभग 100 साल बाद ही मानव निर्मित को ऑब्जेक्ट सूर्य को भी छू लेगा। लेकिन इंसान की जिज्ञासा ने इसे सच साबित कर दिया है। नासा के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट का हिस्सा रहे Parker Solar Probe ने सूर्य के ऊपरी वायुमंडल को छूकर इतिहास रच दिया है।

सूर्य के कोरोना में घुसा Parker Solar Probe

खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक सूर्य की सबसे बाहरी परत को कोरोना कहा जाता है और नासा द्वारा भेजे गए अंतरिक्ष यान Parker Solar Probe ने कोरोना में सफलतापूर्वक प्रवेश कर लिया है।

सूर्य के अध्ययन के लिए मिलेगी अहम जानकारी

Parker Solar Probe ने कोरोना में स्थित कणों और चुंबकीय क्षेत्र के सैंपल इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। साथ ही इन सैंपल को धरती पर भेजना भी शुरू कर दिया है। अब वैज्ञानिकों को प्राप्त इस डेटा से सूर्य के अध्ययन में काफी सहायता मिलेगी। नासा के विज्ञान मिशन निदेशालय के सहयोगी प्रशासक थॉमस ज़ुर्बुचेन ने कहा कि पार्कर सोलर प्रोब ‘टचिंग द सन’ सौर विज्ञान के लिए एक महत्वपूर्ण पल है और अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।

साल 2018 में किया गया था लॉन्च

नासा ने Parker Solar Probe को साल 2018 में लॉन्च किया था, जिसका काम सूर्य की बाहरी परतों का अध्ययन करना था। Parker Solar Probe का नाम अमेरिकी सौर खगोल वैज्ञानिक यूजीन पार्कर के नाम पर रखा गया। यह अंतरिक्ष यान हमारे सूर्य के रहस्यों को जानने के लिए काम कर रहा है। Parker Solar Probe किसी भी अन्य अंतरिक्ष यान की तुलना में 7 गुना अधिक गति से उड़ान भरता है।

Parker Solar Probe पर लगी है 4.5 मोटी कार्बन परत

नासा ने जानकारी दी है कि Parker Solar Probe को सूर्य की भयावह गर्मी से बचाने के लिए 4.5 इंच मोटी कार्बन के परत से कवर किया गया है। Parker Solar Probe अंतरिक्ष यान करीब 1,377 डिग्री सेल्सियस तक के बाहरी तापमान को सहन कर सकता है।
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