NASA Challenge: चांद पर टॉयलेट की बेस्ट डिजाइन बनाओ, लाखों का इनाम पाओ

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दैनिक झारखंड न्यूज

नई दिल्ली । चांद पर एक कदम और आगे बढ़ाने के लिए NASA ने एक अनूठी प्रतियोगिता का आयोजन किया है। इसके लिए उसने दुनियाभर के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को चांद पर उसके स्थाई बेस के लिए टॉयलेट की डिजाइन बनाने का चैलेंज दिया है। बेस्ट डिजाइन को NASA की ओर से इनाम भी दिया जाएगा।

NASA अपने Artemis Mission के तहत चांद पर 2024 तक बेस तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है, इसके लिए उसे चांद पर टॉयलेट की जरुरत पड़ेगी यही वजह है कि वह इसके लिए इनोवेटिव डिजाइन चाहता है। जो भी व्यक्ति इस तरह की कवायद करने में सफल हो जाता है NASA की ओर से उसे 26.5 लाख का इनाम दिया जाएगा। चांद पर पृथ्वी की तरह गुरुत्वाकर्षण बल नहीं है, ऐसे में वहां हर चीज स्पेस में ही घूमती रहती है, यही वजह है कि ये काम NASA के लिए भी चुनौती बना हुआ है।

‘Defecation and urination स्पेस में एक चिंता का विषय है

बता दें कि Apollo Missions के दौरान अंतरिक्ष यात्री एडल्ट डाइपर्स का Loo के लिए इस्तेमाल करते थे और उन्हें बैग्स में रखते थे। नासा की अपोलो मिशन पर 1975 में पब्लिश हुई एक आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया था ‘Defecation and urination स्पेस में एक चिंता का विषय है जब मानवों के साथ अंतरिक्ष फ्लाइट रवाना होंगी। इस रिपोर्ट के लगभग पांच दशक बाद अब यूएस स्पेस एजेंसी अब चांद की सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक टॉयलेट की डिजाइन चाहती है जो कि चांद के गुरुत्वाकर्षण के बीच काम कर सके। इस इनोवेशन के लिए नासा 35 हजार डॉलर का ऑफर दे रहा है। टायलेट डिजाइन सबमिट करने की अंतिम तारीख 17 अगस्त शाम 5 बजे तक है।

NASA ने टॉयलेट के लिए दी ये गाइडलाइन

  • टॉयलेट को microgravity और lunar gravity में काम करना चाहिए।
  • इसका द्रव्यमान पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में 15 किलो से कम होना चाहिए।
  • इसे 70 वॉट से कम consume करना चाहिए।
  • इसे Noise level 60 डेसिबल से कम पर ऑपरेट करना चाहिए।
  • इसे पुरुष और महिला दोनों के लिए इस्तेमाल लायक होना चाहिए।
  • इसे 58 से 77 इंच के बीच की लंबाई वाले और 107 से 290 एलबीएस वाले व्यक्ति के इस्तेमाल लायक होना चाहिए।
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