Mann Ki Baat: PM ने लोकल सामान खरीदने पर दिया जोर, सरदार पटेल और भगवान बिरसा मुंडा को किया याद

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दैनिक झारखंड न्यूज

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अक्टूबर 2021 को अपने मासिक रेडियो प्रोग्राम मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत 100 करोड़ वैक्सीन डोज की सफलता के साथ की। पीएम मोदी ने इसके लिए देशवासियों को कोटि-कोटि नमस्कार किया। पीएम मोदी ने कहा, मैं अपने देश, अपने देश के लोगों की क्षमताओं से भली-भांति परिचित हूं। मैं जानता था कि हमारे Healthcare Workers देशवासियों के टीकाकरण में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे। हमारे vaccine कार्यक्रम की सफलता, भारत के सामर्थ्य को दिखाती है, सबके प्रयास के मंत्र की शक्ति को दिखाती है।

पीएम मोदी ने त्योहारों की अग्रिम बधाइयां दी और याद दिलाया कि इस दौरान वोकल फॉर लोकल का ख्याल रखना है यानी स्वदेशी चीजों की ही खरीदारी करना है। पीएम ने कहा, इतने त्योहार एक साथ होते हैं तो उनकी तैयारियां भी काफी पहले से शुरू हो जाती हैं। आप सब भी अभी से खरीदारी का प्लान करने लगे होंगे, लेकिन आपको याद है, खरीदारी मतलब ‘#VocalForLocal’. आप Local खरीदेंगे तो आपका त्योहार भी रोशन होगा और किसी गरीब भाई-बहन, किसी कारीगर, किसी बुनकर के घर में भी रोशनी आएगी। मुझे पूरा भरोसा है जो मुहिम हम सबने मिलकर शुरू की है, इस बार त्योहारों में और भी मजबूत होगी।

 पीएम मोदी ने कही ये बड़ी बातें

  • लाखों Health Workers के परिश्रम की वजह से ही भारत 100 करोड़ वैक्सीन डोज का पड़ाव पार कर सका है।आज मैं हर उस भारतवासी का आभार व्यक्त करता हूं जिसने ‘सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन’ अभियान को इतनी ऊंचाई दी, कामयाबी दी।
  • मेरा सौभाग्य है मुझे बागेश्वर आने का अवसर मिला था वो एक प्रकार से तीर्थ क्षेत्र रहा है वहाँ पुरातन मंदिर वगैरह भी, मैं बहुत प्रभावित हुआ था सदियों पहले कैसे लोगों ने काम किया होगा।
  • अगले रविवार, 31 अक्तूबर को, सरदार पटेल जी की जन्म जयंती है। ‘मन की बात’ के हर श्रोता की तरफ से, और मेरी तरफ से, मैं, लौहपुरुष को नमन करता हूं। सरदार साहब कहते थे कि, हम अपने एकजुट उद्यम से ही देश को नई महान ऊंचाईयों तक पहुंचा सकते हैं। अगर हममें एकता नहीं हुई तो हम खुद को नई-नई विपदाओं में फंसा देंगे। यानी राष्ट्रीय एकता है तो ऊंचाई है, विकास है। हमारी आजादी का आंदोलन तो इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
  • हमारे यहां रंगोली के जरिए त्योहारों में रंग भरने की परंपरा तो सदियों से है। रंगोली में देश की विविधता के दर्शन होते हैं। संस्कृति मंत्रालय इससे भी जुड़ा एक National Competition करने जा रहा है।
  • आप कल्पना करिए, जब आजादी के आंदोलन से जुड़ी रंगोली बनेगी, लोग अपने द्वार पर, दीवार पर, किसी आजादी के मतवाले का चित्र बनाएंगे, आजादी की किसी घटना को रंगों से दिखाएंगे, तो, अमृत महोत्सव का भी रंग और बढ़ जाएगा।

भगवान बिरसा मुंडा ने अपनी संस्कृति, अपने जंगल, अपनी जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया

अगले महीने, 15 नवम्बर को हमारे देश के महापुरुष, वीर योद्धा, भगवान बिरसा मुंडा जी की जन्म-जयंती आने वाली है। भगवान बिरसा मुंडा ने अपनी संस्कृति, अपने जंगल, अपनी जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने हमें अपनी संस्कृति और जड़ों की प्रति गर्व करना सिखाया।

1947-48 में जब UN Human Rights का Universal Declaration तैयार हो रहा था तो उस Declaration में लिखा जा रहा था All Men are created Equal. लेकिन भारत के एक Delegate ने इस पर आपत्ति जताई और फिर Universal Declaration में लिखा गया- All Human Beings are created Equal.

भारत ने सदैव विश्व शांति के लिए काम किया है। इस धरती को एक बेहतर और सुरक्षित Planet बनाने में भारत का योगदान, विश्व भर के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। Bureau of Police Research and Development के आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या Double हो गई है। भारत, दुनिया के उन पहले देशों में से है, जो Drone की मदद से अपने गांव में जमीन के Digital Record तैयार कर रहा है।

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