कुमारस्‍वामी ने राज्‍यपाल को इस्‍तीफा सौंपा, BJP विधायक दल की बैठक आज

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दैनिक झारखंड न्यूज

बेंगलुरु । कर्नाटक की कुमारस्‍वामी सरकार गिर चुकी है। राज्‍य की कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार विधानसभा में अपना बहुमत साबित नहीं कर सकी। कुमारस्‍वामी की सरकार गिरने पर बीजेपी कार्यालय में जश्‍न मना। इसके बाद कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक संपन्न हुई। अब आज सुबह 11 बजे बेंगलुरु में पार्टी कार्यालय में एक और बैठक होने वाली है।

विधानसभा में बहुमत साबित न कर पाने के बाद सरकार खो चुके एचडी कुमारस्‍वामी सीधे राजभवन पहुंचे। उन्‍होंने यहां राज्‍यपाल वजूभाई वाला को इस्‍तीफा सौंपा, जिसे राज्‍यपाल ने स्‍वीकार कर लिया। बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा ने कांग्रेस-जद (एस) सरकार के विधानसभा में विश्वास मत हारने के बाद गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। उन्‍होंने लिखा है, मैं आपको समर्थन के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

विश्वासमत के खिलाफ 105 वोट पड़े हैं, जबकि विश्वासमत के पक्ष में 99 वोट पड़े

विश्‍वास मत पर वोटिंग के बाद जब वोटों की गिनती की गई तो कुमारस्‍वामी के पक्ष में कम वोट पड़े। विश्वासमत के खिलाफ 105 वोट पड़े हैं, जबकि विश्वासमत के पक्ष में 99 वोट पड़े। इसके साथ ही कर्नाटक में कुमारस्वामी की सरकार गिर गई है। विधानसभा में भाजपा विधायक विक्ट्री साइन दिखाते नजर आए। सदन में मौजूद विधायकों ने बीएस येदुरप्पा को बधाई दी। उम्मीद जताई जा रही है कि इसके बाद राज्यपाल येदुरप्पा को मुख्यमंत्री पद के लिए बुला सकते हैं।

गौरतलब है कांग्रेस और जेडीएस के 16 विधायक इस मौके पर विधानसभा से नदारद रहे। इन 16 विधायकों ने कुमारस्वामी सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाई। सरकार बनने के बाद से ही गठबंधन के दोनों घटक कांग्रेस और जेडीएस में मतभेद खुलकर सामने आने लगे थे। कांग्रेस नेता सिद्दारमैया और कुमारस्वामी के बीच कभी सामंजस्य नहीं बन पाया। कुमारस्वामी कि सरकार सिर्फ 14 महीने तक चल पाई।बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लिए जाने तक मतदान नहीं कराया जाए

दूसरी तरफ विधान सौधा में चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि वो भाजपा नेता नहीं थे जिन्होंने हमारे पीछे से वार किया, बल्कि मुंबई में मौजूद वो बागी विधायक थे जिन्होंने ऐसा किया। लेकिन, चिंता मत कीजिए वो लोग आपके साथ भी यही करने वाले हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में कार्यवाही शुरू होने से पहले सरकार को सोमवार को हर हाल में विश्वास मत की प्रक्रिया पूरी करने की प्रतिबद्धता की याद दिलाई, लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं निकला। कांग्रेस ने जोर दिया कि बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लिए जाने तक मतदान नहीं कराया जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने बागी विधायकों से मंगलवार को 11 बजे उनके कार्यालय में मिलने के लिए बुलाया था। हालांकि, बागी विधायकों ने इसके लिए 4 हफ्ते का वक्त मांगा है।

दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने के बाद संकट

कांग्रेस और जदएस के विधायकों के इस्तीफा देने और दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने के बाद संकट का सामना कर रहे मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने गुरुवार को विधानसभा में विश्वास मत पेश किया था।सत्ताधारी गठबंधन ने राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा तय की गई दो समयसीमा को नजरअंदाज किया। विधानसभा अध्यक्ष ने शुक्रवार को सरकार से सोमवार को प्रक्रिया पूरी करने की प्रतिबद्धता लेने के बाद कार्यवाही स्थगित की थी।

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