कुलभूषण जाधव केस : भारत की बड़ी जीत, कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक जारी, पाक को झटका

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  • आइसीजे ने कहा कि कुलभूषण की सजा पर पाकिस्तान पुनर्विचार करे

दैनिक झारखंड न्यूज

हेग। कुलभूषण जाधव की फांसी पर आइसीजे ने रोक लगा दी है। इस तरह से कुलभूषण जाधव मामले में भारत को बड़ी सफलता मिली है। आइसीजे ने 15-1 से भारत के पक्ष में फैसला दिया है। इस तरह से एक बार फिर विश्वमंच पर पाकिस्तान बेनकाब हुआ है।

नीदरलैंड स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत (आइसीजे) 17 जुलाई यानी बुधवार को कुलभूषण जाधव पर फैसला सुनाया। पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है।आइसीजे ने कहा कि कुलभूषण की सजा पर पाकिस्तान पुनर्विचार करे। इसके साथ ही कुलभूषण को काउंसलर एक्सेस की भी इजाजत दी गई है। कोर्ट के अध्यक्ष जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने कहा कि जब तक पाकिस्तान प्रभावी ढंग से फैसले की समीक्षा और उस पर पुनर्विचार नहीं कर लेता, फांसी पर रोक जारी रहेगी।

पाक ने विएना संधि का उल्लंघन किया- आईसीजे

कोर्ट के अध्यक्ष सोमालिया के जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने फैसला पढ़ा। उन्होंने 42 पन्नों के फैसले में कहा कि पाकिस्तान जब तक पाकिस्तान प्रभावी ढंग से अपने फैसले की समीक्षा और पुनर्विचार नहीं कर लेता है, तब तक कुलभूषण की फांसी पर रोक रहेगी। कुलभूषण को कॉन्स्युलर एक्सेस ना दिए जाने के पाकिस्तान के कदम के आधार पर अदालत ने यह फैसला लिया।

कानूनी प्रतिनिधि मुहैया कराने का मौका नहीं दिया

आईसीजे ने कहा- पाकिस्तान ने कुलभूषण के साथ भारत की बातचीत और कॉन्स्युलर एक्सेस के अधिकार को दरकिनार किया। पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण के लिए कानूनी प्रतिनिधि मुहैया कराने का मौका नहीं दिया। पाक ने विएना संधि के तहत कॉन्स्युलर रिलेशन नियमों का उल्लंघन किया।

दोस्तों ने फैसले से पहले पूजा की

कुलभूषण के दोस्तों ने मुंबई में बुधवार को कोर्ट के फैसले से पहले पूजा की। सभी ने कुलभूषण के फोटो वाली टी-शर्ट पहनी। टी-शर्ट पर ‘भारत कुलभूषण के साथ’ लिखा था। दोस्तों को उम्मीद है कि कोर्ट का फैसला पाकिस्तान के खिलाफ आएगा और कुलभूषण जल्द ही सुरक्षित भारत लौटेंगे।

जाधव के खिलाफ पाक सेना के ट्रायल को भारत ने चुनौती दी

भारत ने मई 2017 में आईसीजे के सामने यह मामला उठाया था। पाकिस्तान पर जाधव को काउंसलर न मुहैया करवाने का आरोप लगाया। भारत ने जाधव (48) के खिलाफ पाकिस्तानी सेना के ट्रायल को भी चुनौती दी। आईसीजे ने 18 मई 2017 को पाकिस्तान पर जाधव के खिलाफ फैसला आने तक किसी भी तरह की कार्रवाई किए जाने को लेकर रोक लगाई।

फरवरी में अंतर्राष्ट्रीय अदालत ने इस मामले में चार दिन सुनवाई की थी। इस दौरान भारत-पाकिस्तान ने अपनी-अपनी दलीलें दीं। भारत ने अपने केस का आधार दो बड़ी बातों को बनाया। इनमें वियना संधि के अंतर्गत काउंसलर एक्सेस और मामले को हल करने की प्रक्रिया शामिल है।

पाक ने कहा- जाधव बिजनेसमैन नहीं, बल्कि जासूस

भारत ने कहा- जाधव की मौत की सजा रद्द की जाए। उन्हें तुरंत रिहा करने के आदेश दिए जाएं। पाकिस्तानी सेना के द्वारा सुनाया गया फैसला पूरी तरह से हास्यास्पद है। इस पर पाक ने कहा था कि भारतीय नौसेना अधिकारी जाधव एक बिजनेसमैन नहीं बल्कि एक जासूस है। पाक ने दावा कि हमारी सेना ने 3 मार्च 2016 को बलूचिस्तान से जाधव को गिरफ्तार किया था। वह ईरान से पाकिस्तान में दाखिल हुआ था।

भारत ने कहा- जाधव को ईरान से किडनैप किया गया

भारत के मुताबिक, जाधव को ईरान से किडनैप किया गया। जाधव वहां नौसेना से रिटायर होने के बाद बिजनेस करने की कोशिश में थे। पाकिस्तान ने आईसीजे के समक्ष की गई भारत की याचिका को नकार दिया। इसमें भारत ने जाधव के लिए काउंसलर एक्सेस की मांग की थी।

पाक ने जाधव के कथित कबूलनामे के वीडियो जारी किए थे 

पाकिस्तान ने जाधव के कथित कबूलनामे के दो वीडियो जारी किए थे। इन वीडियो में कट नजर आए थे। इसमें कोई सवाल-जवाब नहीं था। सिर्फ बयान था।

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