12वीं के बाद कॅरियर संवारने के विकल्प सुझाएगी झारखंड सरकार, यूनिसेफ से होगा करार

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दैनिक झारखंड न्यूज

रांची । राज्य के हाई और प्लस टू स्कूलों के छात्र-छात्राओं का राज्य सरकार नि:शुल्क कैरियर काउंसिलिंग करायेगी। कैरियर काउंसिलिंग में छात्र-छात्राओं को 12वीं के बाद जिस क्षेत्र में वह कैरियर बनाना चाहते हैं, उसकी जानकारी दी जायेगी। इसमें छात्र-छात्राओं को देश के साथ-साथ विदेशों के अवसर को बताया जायेगा। इसके लिए सरकार यूनिसेफ और आई ड्रीम केयर के साथ करार करने जा रही है और जून से राज्य में इसे लांच किया जायेगा।  स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।

कैरियर काउंसिलिंग में नौंवी से 12वीं तक के 2,681 स्कूलों के 7,11,384  छात्र-छात्राएं लाभांवित होंगे। इनके अलावा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की ओर से मान्यता प्राप्त (एफलिएटेड), अल्पसंख्यक, मदरसा और कल्याण विभाग के स्कूल के नौंवी से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को भी इसका लाभ मिलेगा। कैरियर के लिए अपना विषय चुनने और उसे समझने के लिए छात्र-छात्राओं को चार साल तक का पूरा समय होगा, जिसके बाद वे उसे अपना सकेंगे। भारत के संस्थानों के अलावा 14 यूरोपीय देशों व एशिया के अन्य देशों में चलने वाले कोर्स की भी जानकारी दी जायेगी।

दिया जायेगा यूजर आईडी और पासवर्ड 

नौवीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को यूजर आईडी और पासवर्ड दी जायेगी। इसमें छात्र-छात्रा लॉग इन कर ऑनलाइन आवेदन भर सकेंगे। इसमें उन्हें किस विषय या क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं उसकी जानकारी देनी होगी। अगर छात्र इंजीनियरिंग, मेडिकल, साइंटिस्ट, मैनेजमेंट या एरोनॉटिकल क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो उसका नाम भरना होगा। इन्हीं विषयों के आधार पर आई ड्रीम केयर के पोर्टल पर उन्हें सारी जानकारी मिल जायेंगे। राज्य, देश और देश के बाहर संबंधित विषय के क्या-क्या अवसर हैं, कौन से वैध संस्थान हैं, उनकी सीट, फीस, सिलेबस पैटर्न की जानकारी मिल जायेगी।

छात्रवृत्ति की भी दी जायेगी जानकारी 

कैरियर काउंसिलिंग में कोर्स के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति की भी जानकारी दी जायेगी। कैसे केंद्र व राज्य सरकार के अलावा इसरो, भाभा समेत विभिन्न संस्थाएं आगे पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति देती हैं और इसे लेने की क्या प्रक्रिया व प्रावधान हैं, उसके बारे में भी बताया जायेगा। ऐसी छात्रवृत्ति के लिए पोर्टल में लिंक दी जायेगी, जिसके जरिये छात्र-छात्रा अप्लाई कर सकेंगे।

ठगी के नहीं होंगे शिकार 

स्कूली शिक्षा से ही कैरियर के प्रति जागरुकता से छात्र-छात्राएं एकेडमिक ठगी के शिकार होने से बचेंगे। किसी संस्थान के फर्जी वेबसाइट के झांसे में वे नहीं आयेंगे। कैरियर काउंसिलिंग के दौरान पोर्टल में जिन संस्थानों को दिखाया जायेगा उनकी वैधता होगी। छात्र-छात्रा किसी संस्थान से कोर्स को लेकर बातचीत करना चाहेंगे तो चैट का विकल्प भी होगा। जिन छात्र-छात्रा को 12वीं में कम अंक आये होंगे उनके लिए उसके अनुसार विकल्प दिये जायेंगे।

राज्य सरकार हाई व प्लस टू स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए नि:शुल्क कैरियर काउंसिलिंग की शुरुआत करने जा रही है। वे किसी के सुझाव या दवाब में नहीं, बल्कि इच्छा और संभावना के अनुसार अपना कैरियर बना सकेंगे। कैरियर काउंसिलिंग से छात्र-छात्रा फर्जी संस्थानों के झांसे में आने से और गलत कदम उठाने से भी बचेंगे।
उमाशंकर सिंह, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा

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