अमेरिका के लिए जासूसी करने वाले को ईरान ने दी मौत की सजा

0

दैनिक झारखंड न्यूज

तेहरान। अमेरिकी और इजरायल के लिए खुफिया जासूसी करने के आरोपी एक ईरानी नागरिक को सोमवार को मौत की सजा दे दी गई। ईरान की आधिकारिक आईआरआईबी समाचार एजेंसी के अनुसार, पिछले महीने न्यायपालिका ने कहा कि महमूद मौसवी-माजद को साल 2018 में गिरफ्तार किया गया था। उसने पूर्व रेवोल्यूश्नरी गार्ड कमांडर कासिम सुलेमानी की जासूसी की थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि यह मामला इस साल की शुरुआत में सुलेमानी की हत्या से जुड़ा नहीं था।

बताते चलें कि 3 जनवरी 2020 को अमेरिकी ड्रोन हमले में रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कुद्स फोर्स के नेता कासिम सुलेमानी को मार गिराया गया था। यह हमला ड्रोन से इराक में किया गया था। वॉशिंगटन ने आरोप लगाया था कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सेनाओं पर हमलों का मास्टरमाइंड कासिम सुलेमानी था, जो ईरान-गठबंधन मिलिशिया के जरिये इन्हें अंजाम देता था।

मौत की सजा के विरोध में लाखों ईरानी सोशल मीडिया पर आवाज उठा रहे हैं

यह फांसी की सजा उस समय दी गई है, जब पिछले नवंबर में सरकार विरोधी प्रदर्शन में भाग लेने के आरोपी तीन पुरुषों को दी गई मौत की सजा के विरोध में लाखों ईरानी सोशल मीडिया पर आवाज उठा रहे हैं। उन आरोपियों में से एक के वकील ने बाबाक पकोनिया ने रविवार को कहा कि उनकी फांसी की सजा को निलंबित कर दिया गया है।

अधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा कि तीन पुरुषों के लिए सजा का उद्देश्य भविष्य के प्रदर्शनकारियों को डराना था। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि सुरक्षा बलों ने दक्षिण-पश्चिमी शहर बेहबान में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पिछले गुरुवार को आंसू गैस छोड़ी, जो आर्थिक समस्याओं और तीनों आरोपियों की मौत की सजा के खिलाफ विरोध भी कर रहे थे। फारसी हैशटैग “डोंट एक्जीक्यूट” पिछले हफ्ते लाखों बार ट्वीट किया गया था।
Leave A Reply

Your email address will not be published.