जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमले की साजिश, NSA ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की बैठक, बढ़ाई गई सुरक्षा

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  •  घाटी में सीआरपीएफ की 50, बीएसएफ की 10, एसएसबी की 30, आईटीबीपी की 10 कंपनियां की तैनाती 

दैनिक झारखंड न्यूज

नई दिल्ली। सीमा पार पाकिस्तान की तरफ से जम्मू-कश्मीर में एक बड़े आतंकी हमले की योजना बनाई जा रही है। इस खुफिया इनपुट के मिलने के बाद यहां सेना की ज्यादा टुकड़ियों को तैनात किया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने कुछ दिन पहले रविवार को ही जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद निरोधी ग्रिड के साथ बैठक की थी। इसके बाद घाटी में और सैनिकों को तैनात करने का फैसला लिया गया है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य में 10 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है।

सरकार कोई जोखिम मोल लेना नहीं चाहती

आतंकवादी 15 अगस्त, 26 जनवरी के आस-पास आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। घाटी में आतंकवादी गतिविधियों को देखते हुए नरेंद्र मोदी सरकार कोई जोखिम मोल लेना नहीं चाहती। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि अजीत डोभाल ने राज्य के दौरे के समय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था को लेकर बैठक की थी। वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी दिलबाग सिंह ने बताया कि वह पहले से ही उत्तरी कश्मीर में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की मांग करते रहे हैं। अतिरिक्त जवानों की तैनाती उनके आग्रह के बाद ही हुई है।

उधर, गृहमंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि अतिरिक्त जवानों की तैनाती इसलिए की जा रही है, ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था बेहतर की जा सके। बताते चलें कि शुक्रवार को गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी किया था, जिसके मुताबिक घाटी में सीआरपीएफ की 50, बीएसएफ की 10, एसएसबी की 30, आईटीबीपी की 10 कंपनियां तैनात की जाएंगी।

चार व्यापारियों के घरों में छापेमारी

गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार सुबह उत्तर कश्मीर के बारामुला में अलगाववादी नेता सज्जाद लोन के करीबी चार व्यापारियों के घरों में छापेमारी की कार्रवाई की। इस दौरान उनके साथ सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के जवान भी मौजूद थे। पाकिस्तान से टेरर फंडिंग की साजिश में संलिप्त होने का शक में एनआईए पिछले कुछ दिनों से लगातार जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी चल रही है।

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