अगर आप भी करते हैं मोबाइल से पेमेंट तो रहें सावधान, बढ़ रहे ठगी के मामले, इन तरीकों से करें बचाव

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  • अपने पैसे को कैसे सुरक्षित रखें, जानिये पूरा तरीका

दैनिक झारखंड न्यूज

मुंबई । अगर आप भी ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन के लिए ई-वॉलेट का इस्‍तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके बहुत काम की है। इन दिनों ई-वॉलेट से भी ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं। इनका यूज करते समय बेहद सावधानी बरतने की दरकार है, कहीं ऐसा ना हो कि एक गलत क्लिक या बटन दबने से आपको हजारों या लाखों रुपए का नुकसान हो जाए। आइये आपको कुछ सच्‍ची घटनाओं के उदाहरण देते हुए इनसे बचने के तरीके बताते हैं। जरूर पढ़ें।

केस 1: मुंबई में 45 वर्षीय एक महिला ने हाल ही में 1500 रुपये कीमत की एक ऑनलाइन साड़ी ऑर्डर की। कुछ दिनों बाद उसे यह सूचना मिली कि यह डिफेक्‍टेड थी। महिला ने ई-मेल के जरिए कस्टमर केयर तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। उसके बाद उसने Google पर सर्च करके एक अज्ञात कस्टमर केयर नंबर से संपर्क किया और वहां के व्यक्ति ने उसे पैसे को वापस प्राप्त करने के लिए Google Pay एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा, लेकिन उसे यह उसके नंबर पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करने के बाद ही मिलेगा। लिंक पर क्लिक करने के तुरंत बाद, महिला ने अपने खाते से 1 लाख रुपये खो दिए।

केस 2: हाल ही में इंदौर से सामने आई एक घटना में, एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को एक जालसाज द्वारा लाखों रुपए का चूना लगाया गया था। वह खुद को पेटीएम अधिकारी के रूप में पेश कर रहा था। पीड़ित (संदीप चौबे) ने पुलिस को बताया कि उसे 17 जुलाई को एक जालसाज का फोन आया, जिसने स्‍वयं को पेटीएम का अधिकारी बताया।

जालसाज ने चौबे से कहा कि उसे 280 रुपए अपने खाते में Paytm cash transfer करना होगा। धोखेबाज ने तुरंत अपने बैलेंस की जांच करने के लिए चौबे से बात की। जब चौबे ने खाते की जाँच की, तो पाया कि कोई कैश ट्रांजेक्‍शन नहीं किया गया था। इस बीच, जालसाज ने उसे बातों में उलझाया और उसे प्ले स्टोर से एक ऐप इंस्टॉल करने के लिए मना लिया। बाद में चौबे को एहसास हुआ कि उनका अकाउंट हैक हो गया है।

2.28 लाख रुपये NEFT से हुए ट्रांसफर

संदीप चौबे ने अपना फोन डिसकनेक्‍ट किया तो उन्‍हें मैसेज मिला कि उसके खाते में से 50 हज़ार रुपए ट्रांसफर हुए हैं। चौबे ने तब अपने बैंक की ग्राहक सेवा को फोन किया और घटना की जानकारी दी। उन्हें अपना डेबिट कार्ड ब्लॉक करने की सलाह दी गई। लेकिन उसके खाते से विड्रावल जारी रहा।

चौबे ने अपनी पत्नी के खाते में 6 लाख रुपये ट्रांसफर करने की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहा। उसने फिर से बैंक से मदद मांगी और उसे मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग बंद करने की सलाह दी गई। अगली सुबह चौबे को अपने खाते से 2.28 लाख रुपये के NEFT ट्रांसफर होने के बारे में एक संदेश मिला।

अपने पैसे को कैसे सुरक्षित रखें, जानिये पूरा तरीका

अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं और अपने पैसे को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आपके लिए इस तरह के धोखेबाजों के तौर-तरीके जानना जरूरी है। साइबर विशेषज्ञ इन घटनाओं को ‘ई-वॉलेट स्किमिंग धोखाधड़ी’ और नकली ग्राहक सेवा साइबर धोखाधड़ी के रूप में नाम देते हैं। महाराष्ट्र साइबर सेल के अधिकारियों ने बताया कि ई-वॉलेट स्किमिंग एक खरीदार और विक्रेता के बीच होती है।

ऐसे देते हैं जालसाज ठगी को अंजाम

महाराष्ट्र साइबर सेल के SP बालसिंह राजपूत ने बताया कि, “यदि कोई व्यक्ति कुछ चीज बेचने के लिए OLX पर अपने विज्ञापन पोस्ट कर रहा है, तो जालसाज इसे नोटिस करता है और खरीदार से संपर्क करता है। वह इसे खरीदने के लिए रुचि दिखाता है।

फोन पर, अज्ञात खरीदार विक्रेता से एक विशेष ई-वॉलेट डाउनलोड करने के लिए कहेगा। आवेदन और उस अनुरोध को स्वीकार करें जो वह दूसरी तरफ से भेजेगा।

खरीदार के क्यूआर कोड और रेफरेंस नंबर का विवरण प्राप्त करने के बाद, सेंडर एक लिंक भेजता है जो अप्रूवल के लिए पूछता है और एक बार इसे क्लिक करने के बाद, बैंक खाते में से पैसा कम होना शुरू हो जाता है। इस तरह ऑनलाइन फ्रॉड की घटना हो जाती है।”

जालसाजों की पहचान इन बातों से करें

जालसाज खरीदारों को बात में उलझाए रखते हैं जबकि लिंक क्लिक होने के बाद धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता है। इस तरह से पीड़ित यह महसूस करने में विफल रहता है कि उसे धोखा दिया जा रहा है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, पीड़ितों को भेजे गए लिंक रिवर्स एक्शन करते हैं, जहां पीड़ित इसे प्राप्त करने के बजाय पैसे को खो देते हैं।

आपके लिए ज़रूरी सलाह

यदि आप अपने पैसे को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आपको कभी भी असत्यापित या अविश्वसनीय लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, कभी भी अनजान कॉल करने वालों को जवाब न दें, जो आपको कुछ सरप्राइज ऑफर का वादा करते हैं।

 

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