कॉलेजों पर सरकार सख्त: शिक्षकों व कर्मचारियों का 33 साल का अटेंडेंस मांगा, 122 शिक्षकों के वेतन पर रोक

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दैनिक झारखंड न्यूज

रांची । राज्य सरकार ने एक बार फिर सभी छह विश्वविद्यालयों के अंतर्गत 12 नवांगीभूत कॉलेजों के मामले में सख्ती बरती है। सरकार ने सभी कुलपति और रजिस्ट्रार को पत्र भेज कर 1986 से अब तक सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के अटेंडेंस (वास्तविक कार्य दिवस में उपस्थिति) की जानकारी मांगी है। इसके लिए एक फॉर्मेट भी भेजा गया है। इसके अलावा सरकार ने संबंधित विवि प्रशासन से इन कॉलेजों के 122 शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान की भी जानकारी मांगी है।

सरकार ने जो जानकारी मांगी है

खास बात यह है कि सरकार ने जानना चाहा है कि नवांगीभूत कॉलेज में शिक्षकों व कर्मचारियों का सेवा समंजन से पूर्व सबको वेतन भुगतान कहां और किस मद से किया गया है। अगर इन शिक्षकों व कर्मचारियों को नियम  विरुद्ध वेतन दिया गया है, तो क्यों नहीं इस राशि की वसूली की जाये। या फिर सरकार द्वारा दी गयी राशि से भुगतान हुआ, तो इस स्थिति में इसकी वसूली कैसे होगी। अगर वसूली नहीं हो सकती है, तो विवि प्रशासन इसका भी कारण लिखित रूप से बताये। 

सभी विवि में हड़कंप

फिलहाल सरकार के इस पत्र से सभी विवि में हड़कंप है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में सरकार ने पूर्व में ही सभी विवि को पत्र भेज कर नवांगीभूत कॉलेजों के 122 शिक्षकों के वेतन पर रोक लगा दी है। उच्च शिक्षा निदेशक दिनेश प्रसाद ने सभी विवि को पत्र भेज कर कहा है कि वेतन भुगतान अगर वास्तविक कार्यदिवस के आधार पर भी हुआ है, तो विवि सबकी विस्तृत जानकारी के साथ अटेंडेंस शीट को अभिप्रमाणित कर उपलब्ध करायें।

इन कॉलेजों से मांगी गयी जानकारी

जिन कॉलेजों से जानकारी मांगी गयी है उनमें पीपीके कॉलेज बुंडू, केसीबी कॉलेज बेड़ो, बीएन जालान कॉलेज सिसई, एसएसजेएसएन कॉलेज गढ़वा, मार्खम कॉलेज हजारीबाग, आरके महिला कॉलेज गिरिडीह, आदर्श कॉलेज राजधनवार, एबीएम कॉलेज जमशेदपुर, चास कॉलेज चास, बड़हरवा कॉलेज और मिल्लत कॉलेज परसा शामिल हैं।

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