सामाजिक परिवर्तन, साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाली गीतांजली 15 साल की उम्र में बनी ‘किड ऑफ द ईयर’

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दैनिक झारखंड न्यूज

नई दिल्ली टाइम मैगजीन ने पहली बार किसी 15 साल की बच्ची को Kid of the Year के खिताब से सम्मानित किया है। भारतीय मूल की अमेरिकी बच्ची गीतांजलि राव को उनके बेहतरीन काम के लिए TIME मैग्जीन ने पहली ‘किड ऑफ द ईयर’ से सम्मानित किया है। गीतांजलि ने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर दूषित पेयजल से लेकर अफीम की लत और साइबर क्राइम जैसे मामलों शानदार काम किया है। गीतांजलि ने साइबर बुलिंग की पहचान के लिए ऐप बनाया है। गीतांजलि ने दूषित जल और अफीम की लत की क्षेत्र में भी अपना तकनीकी योगदान दिया है।

5000 से ज्यादा दावेदारों में गीतांजलि चयनित

कोलोरैडो में रहने वाली 15 साल की गीतांजलि का चयन 5,000 से अधिक दावेदारों के बीच किया गया है। टाइम के लिए एकेडमी अवॉर्ड विजेता एंजेलिना जोली ने गीतांजलि का इंटरव्यू किया था। गीतांजलि ने बहुत कम उम्र से ही सामाजिक परिवर्तन, साइंस और टेक्नोलॉजी के बारे में सोचना शुरू कर दिया था।

गीतांजलि ने बताया कि 10 साल की उम्र में पहली बार उसने अपने माता पिता से कार्बन नैनो ट्यूब सेंसर टेक्नोलॉजी पर रिसर्च करने का जिक्र किया। इतनी छोटी उम्र में उसका रूझान साइंस की ओर दिखने लगा था। बस यहीं से बदलाव की शुरुआत हो गई और 11 साल की उम्र में गीतांजलि ने डिस्कवरी एजुकेशन 3M साइंटिस्ट चैलेंज जीत लिया था।

साइबर बुलिंग रोकने को बनाया Kindly ऐप

गीतांजलि की नई खोज Kindly ऐप है। गीतांजलि ने साइबर बुलिंग रोकने के लिए ये एक तरह की सर्विस बनाई है, जिसका नाम Kindly है। ये ऐप और क्रोम एक्सटेंशन है, जो शुरुआत में ही साइबर बुलिंग को पकड़ने में कामयाब हो सकता है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी की मदद ली जाती है। गीताजंली का कहना है कि मेरा मकसद सिर्फ अपनी डिवाइस बनाकर दुनिया की समस्याएं सुलझाने तक सीमित नहीं रहा बल्कि अब मैं औरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करना चाहती हूं। गीतांजलि ने Tethys नाम का एक एप्लीकेशन बनाया है, जो कार्बन नैनोट्यूब की मदद से पानी में कितना लेड की मात्रा कितनी है, इसका पता चलता है।

हर समस्या का हल निकाल पाना संभव नहीं

गीतांजलि ने अपने कोलोराडो स्थित घर से ऑनलाइन इंटरव्यू में एंजेलीना जोली से कहा कि हम जिस बात को लेकर अधिक चिंतित हैं, बस उसका ही समाधान करने की कोशिश करनी चाहिए। चूंकि हर समस्या का हल निकाल पाना संभव नहीं होता, इसलिए कोई छोटी परेशानी भी है तो उसे हल करने की कोशिश करें। जैसे कचरा बीनने का सरल तरीका तलाशना। कुछ बड़ा ही करने का दबाव खुद पर मत डालिए।

राव ने कहा कि वह परंपरागत वैज्ञानिकों जैसी नहीं दिखती हैं। अभी तक मैंने जो टीवी पर देखा है कि कोई गोरा बुजुर्ग ही वैज्ञानिक होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। गीतांजलि ने कहा कि मेरा लक्ष्य दुनिया की समस्याओं का समाधान अपने खुद के उपकरण बनाकर करना है। जब जोली ने पूछा कि क्या वह भी और बच्चों जैसे काम करती हैं तो गीतांजलि ने कहा कि क्वारंटाइन के दौरान उन्होंने 15 साल की हरकतें की हैं। वह ज्यादा समय बेकिंग करना पसंद करती हैं।

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