गढ़वा : रिश्वत के आरोपी रंका थाना एएसआई को पकड़ने गयी एसीबी टीम पर हमला, इंस्पेक्टर को पीटा

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  • आरोपी एएसआइ ने पुलिसकर्मियों के सहयोग से एसीबी डीएसपी को खदेड़ा, एसीबी इंस्पेक्टर को कमरे में बंद कर पिटायी की।
  • डीएसपी को परिचय पत्र दिखाने के बाद छोड़ा।
  • मारपीट के एक मामले में समझौता के नाम पर यमादार ने लिया था 20 हजार रूपये।
  • सूचना के बाद गढ़वा एसडीपीओ कर रहे हैं मामले की जांच।

दैनिक झारखंड न्यूज

गढ़वा। गढ़वा जिले के रंका थाना में रिश्वत लेने के आरोपी एएसआई कमलेश कुमार सिंह को पकड़ने गयी बुधवार की शाम में एसीबी (एंटी करप्सन ब्यूरो) की टीम पर रंका थाना पुलिस ने हमला बोल दिया। इस हमले में एसीबी के इंस्पेक्टर अजीत अरूण एक्का घायल हो गये हैं। बताया गया कि इंस्पेक्टर अजीत अरूण एक्का को एएसआइ ने अपने कमरे में बंद कर बुरी तरह से पिटाई कर दी है। एसीबी इस्पेक्टर को पीटने के बाद एएसआई कमलेश कुमार सिंह वहां से भागने में सफल रहे।

इसके बाद यहां मामला काफी गरम हो गया है। सूचना के बाद गढ़वा एसडीपीओ अवध कुमार यादव मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ले रहे हैं। साथ ही पलामू से एसीबी के उच्चाधिकारी भी रंका पहुंचनेवाले हैं।

क्या है पूरा मामला

सूत्रों से मिली खबर के अनुसार एसीबी की टीम को रंका थाना एएसआई कमलेश कुमार सिंह पर एक मारपीट के एक मामले में सुलह कराने के एवज में आरोपियों से 34 हजार रूपये की मांग की गयी थी। इसमें 17 आरोपी थे। इस संबंध में एक आरोपियों द्वारा एसीबी पलामू से संपर्क करने के पश्चात उसके कहे अनुसार बुधवार की शाम डीएसपी करूणानंद राम के नेतृत्व में करीब 6.30 बजे एसीबी की टीम रंका पहुंची थी। वहां एएसआइ के क्वार्टर में एक आरोपी कर्री गांव निवासी संतोष कोरवा के माध्यम से 20 हजार रूपये दिये गये। एएसआई ने पैसे को अपने चौकीदार सुनील ठाकुर को देने का कहा। चौकीदार के रूपये देते ही पहले से घात लगाये एसीबी की टीम ने एएसआई को दबोचने का प्रयास किया। लेकिन एसीबी की भनक मिलते ही एएसआई चिल्लाते हुये बगल में स्थित थाना के पुलिसकर्मियों को आवाज देकर बुला लिया। इसके बाद थाना से काफी संख्या में पहुंचे पुलिसकर्मी वहां पहुंच गये और उन्होंने एसीबी की टीम पर राइफल तान दिया।

पुलिसकर्मी सादे लिबास में एसीबी की टीम को डीएसपी करूणानंद राम सहित पूरी टीम को घेरकर दूर ले गये, जबकि इस बीच क्वार्टर में अकेले रह गये एसीबी इंस्पेक्टर अजीत अरूण एक्का को एएसआई ने पकड़कर पटक दिया और बुरी तरह से पीटने के बाद वहां से भाग गये। इधर रंका थाना पुलिस के उग्र तेवर को देखकर जब डीएसपी करूणानंद राम ने अपना परिचय पत्र दिखाया, तब जाकर पुलिसकर्मी शांत हुये। बताया गया कि एसीबी की टीम में कुल 25 लोग रंका आये हुये थे, लेकिन मात्र इसमें से आठ-दस लोग ही एएसआइ को गिरफ्तार करने क्वार्टर में गये थे। बताया गया कि इस दौरान किसी के पास हथियार नहीं थे। शेष पुलिसकर्मी बाहर में ही रह गये थे। एएसआई के भागने के पश्चात वहां से घायल इंस्पेक्टर को निकाला गया। इसकी सूचना मिलते ही रंका थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

गढ़वा से एसडीपीओ अवध कुमार यादव भी रंका पहुंचे। इस मामले में चौकीदार सुनील ठाकुर को एसीबी की टीम ने हिरासत में ले लिया है। खबर भेजे जाने तक गढ़वा एसडीपीओ श्री यादव एसीबी की टीम के साथ वार्ता कर रहे हैं। मौके पर एसीबी के उच्चाधिकारियों के भी पहुंचने का इंतजार किया जा रहा था।

पुलिसकर्मियों ने राइफल तानकर बाहर निकाल दिया : डीएसपी

एसीबी डीएसपी करूणानंद राम ने कहा कि वे एएसआई को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार करने आये थे, लेकिन एएसआई ने अपने बचने के लिये हल्ला करके पुलिसकर्मियों को बुला लिया। करीब आधा दर्जन पुलिस कर्मियों ने उनपर राईफल तानकर मारने की धमकी देते हुये थाना परिसर से बाहर कर दिया। जब उन्होंने अपना आई कार्ड दिखाया, तब शांत हुये।

मैं थाना में नहीं था : थाना प्रभारी

इस संबंध में रंका थाना प्रभारी रामेश्वर उपाध्याय ने कहा कि वे घटना के समय थाना में नहीं थे। सूचना मिलने के बाद थाना पहुंचकर मामले की जानकारी ले रहे हैं।

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