2021 में होनेवाली मैट्रिक-इंटर का परीक्षा और मार्किंग पैटर्न बदलेगा, विभाग ने जैक से मांगा प्रस्ताव

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  • सीबीएसई, राजस्थान और ओडिशा बोर्ड का अध्ययन कर रिपोर्ट जैक को सौंपी।
  • परीक्षाओं में ऑब्जेक्टिव सवालों की संख्या बढ़ेगी।

दैनिक झारखंड न्यूज

रांची स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने यह तय कर लिया है कि वर्ष 2021 में होनेवाली मैट्रिक और इंटर परीक्षा का पैटर्न और मार्किंग पैटर्न बदलेगा। जेसीईआरटी ने सीबीएसई, राजस्थान और ओडिशा बोर्ड का अध्ययन कर रिपोर्ट जैक को सौंप दी है। इसी आधार पर मैट्रिक और इंटर का मॉडल प्रश्न पत्र तैयार कर प्रस्ताव शिक्षा विभाग को सौंपने को कहा गया है। परीक्षा पैटर्न और मार्किंग पैटर्न में क्या-क्या बदलाव किये जाएं, इसके लिए विभाग ने जैक से प्रस्ताव मांगा है। हालांकि यह तय है कि इन परीक्षाओं में ऑब्जेक्टिव सवालों की संख्या बढ़ेगी।

बच्चों को मॉडल प्रश्न के साथ-साथ उसके उत्तर भी उपलब्ध कराए जाएंगे

दीर्घउत्तरीय सवालों की संख्या कम की जाएगी। सीबीएसई पैटर्न की तरह इन परीक्षाओं को आसान बनाया जाएगा। हालांकि ये सारे परिवर्तन सिर्फ इसी शैक्षणिक सत्र के लिए होंगे। बदले गए पैटर्न पर ही मैट्रिक और इंटर के छात्रों के लिए दिसंबर तक मॉडल प्रश्न पत्र जारी करना है। बच्चों को मॉडल प्रश्न के साथ-साथ उसके उत्तर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षा सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि पूर्व की तुलना में दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की अपेक्षा ऑबजेक्टिव प्रश्न अधिक हों, इस पर मंथन चल रहा है, पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

चार कंपोनेंट में बांटे जाएंगे मॉडल प्रश्न पत्र, सभी विषयों में रहेगी एकरूपता

भाषा, विज्ञान, वाणिज्य और कला के विषयों के कुल चार अलग-अलग कंपोनेंट होंगे। जेसीईआरटी द्वारा जैक को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और उर्दू के प्रश्नों में एकरूपता रहनी चाहिए। इसमें ऑब्जेक्टिव, शार्ट और लॉन्ग सब्जेक्टिव के समान प्रश्न होने चाहिए। अगर केमिस्ट्री में 20 अंक के ऑब्जेक्टिव सवाल हों, तो फिजिक्स में भी इतने ही रहें।

40 प्रतिशत सिलेबस हुआ है छोटा, हर चैप्टर से परीक्षा में पूछे जाएंगे सवाल

कोरोना की वजह से सिलेबस में 40% की कटौती हुई है। शेष 60 फीसदी में से सवाल पूछे जाएंगे। मैट्रिक और इंटर 2021 की परीक्षाएं मार्च में होंगी। सभी विषयों के 60% सिलेबस के हर चैप्टर से प्रश्न पूछे जाएंगे। गौरतलब है कि कोरोना के कारण झारखंड के मैट्रिक और इंटर के छात्र एक दिन भी स्कूल नहीं गए हैं। छात्र अपने बलबूते ही परीक्षा में शामिल होंगे।

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