झारखंड में में कोरोना जांच में रफ़्तार, आधे हुए कोरोना के मरीज, रिकवरी रेट 97 फीसदी पहुंचा

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दैनिक झारखंड न्यूज

रांची देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना संक्रमण के दूसरे और तीसरी लहर के बीच झारखंड के लिए राहत भरी खबर है। झारखंड में अभी भी कोरोना नियंत्रण में है। यहां टेस्टिंग बढ़ा देने के बाद भी मरीज मिलने की रफ्तार कम गई है।

केवल नवंबर महीने की बात करें तो झारखंड में 7,46,549 सैंपल की जांच हुई। इसमें मात्र 8197 संक्रमित मरीज मिले हैं। इतना ही नहीं 30 दिनों में झारखंड का रिकवरी रेट भी 94 फीसदी से बढ़कर 97 फीसदी पर पहुंच गया है। डेथ का औसतन रेट अब 0.88 फीसदी रह गया है। स्वास्थ्य विभाग की मासिक रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड में कोविड की पॉजिटिविटी दर 1.02 फीसदी से घटकर 0.63 फीसदी रह गई है।30 नवंबर तक झारखंड में टोटल एक्टिव मरीजों की संख्या बस 2016 रह गई हैं।

त्योहार के बाद और कम गए मरीज

इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि पहले दिवाली और इसके बाद छठ। दोनों त्योहारों में बड़ी संख्या में लोग घर से बाहर आए हैं इसके बाद संक्रमण की रफ्तार तेज हो जाएगी। लेकिन पर्व के बाद संक्रमण के रफ्तार में और कमी आई है। 16 नवंबर से 29 नवंबर के बीच 354566 सैंपल की जांच की गई। इसमें मात्र 2520 संक्रमित मरीज मिले। इस दौरान रिकवरी रेट भी 94 से बढ़ कर 97 तक पहुंच गया। दिसंबर के शुरुआती सप्ताह में जहां कोविड से मरने वालों की संख्या 27 तक पहुंच जा रही थी आखिरी सप्ताह में घटक यह 12 पर पहुंच गया।

देश से कहीं बेहतर झारखंड

देश के साथ झारखंड की स्थिति की तुलना करें तो इस मामले में झारखंड कहीं बेहतर है। डबलिंग रेट से लेकर ग्रोथ रेट तक झारखंड में नियंत्रित है। देश में ग्रोथ रेट जहां 0.39 फीसदी है वहीं झारखंड का डबलिंग रेट 0.16 फीसदी है। सात दिनों में केस के डबल होने के ग्राफ पर नजर दौड़ाए तो ये देश में जहां 178.70 दिन में हो जा रहा है तो झारखंड में इसका ग्राफ 428.14 दिन है। इसके अलावा देश का रिकवरी रेट जहां 93.80 फीसदी है तो झारखंड का रिकवरी रेट 97.26 फीसदी है। देश में कोविड से मरने वालों का दर भी देश से आधा झारखंड का है। देश में जहां ये 1.50 फीसदी है वहीं झारखंड में यह ग्राफ 0.88 फीसदी है।

सबसे ज्यादा मरीज रांची में

राज्य में मरीज मिलने वाले टॉप-5 जिलों की बात करें तो इसमें अभी भी रांची, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ शामिल है। अगर राज्य भर में मिलने वाले मरीजों की तुलना करें तो नवंबर में अकेले 33.5 फीसदी मरीज रांची में मिले हैं। जबकि सबसे कम 0.4 फीसदी मरीज पाकुड़ में मिले हैं। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम में 14.6फीसदी, बोकारो में 8.2 फीसदी और धनबाद में राज्य के कुल मरीजों के अनुपात में 6.7 फीसदी मरीज मिले हैं।

स्वास्थ्य विभाग सतर्क

इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। विभाग की तरफ से हर जिले को वेंटिलेटर से लेकर ऑक्सीजन और सामान्य बेड तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके अलावा दवा और पीपीई किट की पर्याप्त मात्रा जुटाने के लिए कहा गया है। ताकि किसी भी सूरत में स्थिति न बिगड़ सके।

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