नहीं रहे दिग्‍गज कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, 93 साल की उम्र में निधन, कल ही मनाया था जन्मदिन

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दैनिक झारखंड न्यूज

नई दिल्ली । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा का निधन हो गया है। मोतीलाल वोरा का 92 साल की उम्र हो चुकी थी और बीते कुछ समय से बीमार चल रहे थे। मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले मोतीलाल वोरा ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली थी। मोतीलाल वोरा का जन्म 20 दिसंबर 1928 को राजस्थान के नागौर जिले में हुआ था। मोतीलाल वोरा का विवाह शांति देवी वोरा से हुआ था। उनके चार बेटियां और दो बेटे हैं। उनके बेटे अरुण वोरा दुर्ग से विधायक हैं और वे तीन बार विधायक के रूप में चुनाव जीत चुके हैं।

उन्‍होंने रविवार (20 दिसंबर) को ही अपना 93वां जन्मदिन भी मनाया था। वोरा दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल (Fortis Escort Hospital) में भर्ती थे। साल 2018 में बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने उनसे कोषाध्‍यक्ष पद की जिम्‍मेदारी ले ली थी।

पीएम मोदी ने बताया अनुभवी नेता

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि श्री मोतीलाल वोरा जी उन वरिष्ठतम कांग्रेसी नेताओं में से थे जिनके पास दशकों तक राजनीतिक कॅरियर में व्यापक प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव था। उनके निधन से बहुत दुख हुआ। उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति मेरी शोक संवेदना। ओम शांति…

राहुल बोले- सच्चे कांग्रेसी थे वोरा 

मोतीलाल वोरा (Moti Lal Vohra) के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राहुल गांधी समेत दिग्‍गज सियासी हस्तियों ने शोक प्रकट किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वोरा के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि वोरा जी एक सच्चे कांग्रेसी और अद्भुत इंसान थे। उनके निधन से भारी क्षति हुई है। वह हमें बहुत याद आएंगे। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदना है।

ऐसा था मोतीलाल वोरा का राजनीतिक जीवन

  • मोतीलाल वोरा ने कई वर्षों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए पत्रकारिता की और बाद में 1968 में राजनीति में प्रवेश किया।
  • 1970 में मध्यप्रदेश विधानसभा से चुनाव जीता और मध्य प्रदेश ‘राज्य सड़क परिवहन निगम’ के उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए।
  • 1977 और 1980 में दोबारा विधानसभा में चुने गए और उन्हे 1980 में अर्जुन सिंह मंत्रिमंडल में उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली।
  • मोतीलाल वोरा 1983 में कैबिनेट मंत्री बने और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त हुए।
  • 13 फरवरी 1985 में वोरा को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया।
  • 13 फरवरी 1988 को मोतीलाल वोरा ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देकर 14 फरवरी 1988 में केंद्र के स्वास्थ्य परिवार कल्याण और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार संभाला।
  • अप्रैल 1988 में मोतीलाल वोरा राज्यसभा के लिए चुने गए।
  • 26 मई 1993 से 3 मई 1996 तक उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के पद पर आसीन रहे

वोरा नेशनल हेराल्ड केस के कारण विवादों में रहे

गौरतलब है कि नेशनल हेराल्ड न्यूज पेपर की संपत्ति के विवाद में मोतीलाल वोरा विवादों में भी रहे। इस केस को लेकर कोर्ट में अभी भी सुनवाई चल रही है। अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड, यंग इंडियन और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में शामिल तीनों संस्थाओं में मोतीलाल वोरा को महत्वपूर्ण स्थान मिला हुआ था।

मोतीलाल वोरा 22 मार्च 2002 को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बने थे। उन्होंने इससे पहले भी ऑल इंडिया कांग्रेस कार्यसमिति के कोषाध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा मोतीलाल वोरा 12 फीसदी के शेयरधारक और युवा भारतीय निर्देशक भी थे।

92 साल की उम्र तक बनी रही सक्रियता  

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि मोतीलाल वोरा जी के निधन से कांग्रेस का हर नेता, हर एक कार्यकर्ता व्यक्तिगत रूप से दुखी है। वोरा जी कांग्रेस की विचारधारा के प्रति निष्ठा, समर्पण और धैर्य के प्रतीक थे। 92 साल की उम्र में भी हर बैठक में उनकी मौजूदगी रही। हर निर्णय पर उन्होंने अपने विचार खुलकर प्रकट किए। आज दुःख भरे दिल से उन्हें अलविदा कहते हुए यह महसूस हो रहा है कि परिवार के एक बड़े बुजुर्ग सदस्य चले गए हैं। हम सब उन्हें बहुत याद करेंगे।

कांग्रेस का एक अभिभावक चला गया 

बाबूजी श्री मोतीलाल वोरा जी का जाना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे कांग्रेस परिवार के लिए एक अभिभावक के चले जाने जैसा है। जमीनी स्तर से राजनीति शुरू करके राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई और आजीवन एक समर्पित कांग्रेसी बने रहे। उनकी जगह कभी नहीं भरी जा सकेगी। मैंने अपनी राजनीति का ककहरा जिन लोगों से सीखा उनमें बाबूजी एक थे। अविभाजित मध्य प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक वे हम कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए एक पथ प्रदर्शक थे। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति…

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