चीनी राखी गायब, देसी राखियों से सजा पूरा बाजार

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दैनिक झारखंड न्यूज

रांची व्यापारिक संघों द्वारा किए जा रहे चीनी उत्पादों के बहिष्कार के निर्णय के बाद इस साल रक्षाबंधन में चीनी राखियों का बाजार पूरी तरह गायब है। उसके स्थान पर ठेलों में दुकानों के बाहर स्टॉलों में केवल देसी राखियां ही दिख रही। भाईयों की कलाइयों पर इस साल मिट्टी, बीजों, अनाज और मधुबनी पेंटिंग से बनी राखियां बंधेगी।

साथ ही स्टोन वाली राखियां और भैया-भाभी को बांधने वाली राखियां भी उपलब्ध है। इनके साथ ही इस साल बाजार में भाई-बहन की फोटो वाली राखियां भी धूम मचाने को तैयार है। इन राखियों को दुकानों के कारीगरों के साथ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने तैयार किया है।

ऑनलाइन भी मंगाई जा रही राखियां

लॉकडाउन के चलते इस साल केवल दो दिन ही दुकानें खोलने की अनुमति दी गई है। इसके कारण कुछ कारोबारियों ने राखियों के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू की है। इसके लिए कारोबारियों द्वारा उपभोक्ताओं के पास मैसेज भी भेजे जा रहे है कि वे राखियों की होम डिलीवरी के लिए इन नंबरों पर फोन कर मंगा सकते है। लॉकडाउन को देखते हुए ही कारोबारियों ने यह सुविधा शुरू की है।

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