अर्जुन के सहारे झारखंड फतह करने की कवायद में जुटी भारतीय जनता पार्टी

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  • खूंटी से पहले 2009 में जमशेदपुर से बने थे पहली बार सांसद
  • अर्जुन मुंडा 2003, 2005 और 2010 में झारखंड के मुख्यमंत्री रहे हैं

दैनिक झारखंड न्यूज

रांची । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दूसरी बार पीएम पद की शपथ ली। उनके मंत्रीमंडल में झारखंड से अर्जुन मुंडा भी शामिल क‍िए गए हैं। वे खूंटी से लोकसभा चुनाव जीते हैं। उन्‍‍‍‍‍‍‍होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली। अर्जुन मुंडा झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। लोकसभा चुनाव में झारखंड में एनडीए ने 12 सीटों पर कब्जा किया है। 16वीं लोकसभा में प्रदेश से दो राज्यमंत्री बनाए गए थे। इनमें जयंत सिन्हा और सुदर्शन भगत शामिल थे।

अर्जुन मुंडा राज्‍य में आदिवासी नेता के तौर पर स्‍थाप‍ित हैं। झारखंड आद‍िवासी बाहुल्‍य राज्‍य माना जाता है। यहां पांच महीने के बाद व‍िधानसभा चुुुनाव होने वाले हैं। भाजपा अर्जुन मुंडा के सहारे झारखंड व‍िधानसभा चुुुनाव फतह करने की तैयारी में जुट गई है। संभव है क‍ि मंत्रीमंडल का व‍िस्‍तार होने पर झारखंड कोटे से कुुुछ और सांसदों को मंत्री बनाया जाए।

शपथ ग्रहण समाराेह के पहले कड़िया मुंडा से लिया आशीर्वाद 

शपथ ग्रहण करने से पहले अर्जुन मुंडा ने पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा के दिल्ली स्थित आवास पर जाकर उनसे आशीर्वाद लिया। फिर वे प्रधानमंत्री की चाय पार्टी में शामिल होने के लिए रवाना हुए। बताते चलें कि कड़िया मुंडा का टिकट कटने के बाद ही अर्जुन मुंडा को भाजपा ने खूंटी से उम्मीदवार बनाया था।

महज 1445 वोटों से जीते हैं अर्जुन मुंडा

अर्जुन मुंडा का कोई भी अपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। लोकसभा चुनाव में दायर शपथ पत्र के अनुसार उनकी संपत्ति  9.15 करोड़ रुपए है। खूंटी सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की उम्मीदवारी ने ही इसे हाॅट सीट बना दिया था। नतीजों के आखिरी क्षण तक इस सीट का रोमांच बना ही रहा। वोटों की गिनती में अर्जुन मुंडा जीते, मगर महज 1445 वोटों के अंतर से। ये जीत भी विवादित रही। 16वें राउंड की गणना में जब अर्जुन मुंडा आगे निकले तो कांग्रेस समर्थकों ने धांधली के आरोप लगाते हुए पुनर्गणना की मांग कर दी। हालांकि बाद में कांग्रेसी खेमे के आरोपों को खारिज कर अर्जुन मुंडा की जीत की आधिकारिक घोषणा रात में करीब 11:30 बजे की गई। उनकी जीत राज्य में सबसे कम मार्जिन की जीत है।

तीन बार रहे झारखंड के मुख्यमंत्री

अर्जुन मुंडा खूंटी लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गए हैं। खूंटी से आठ बार के सांसद रहे करिया मुंडा का टिकट काट अर्जुन मुंडा को टिकट दिया गया। 2003, 2005 और 2010 में अर्जुन मुंडा झारखंड के मुख्यमंत्री रहे हैं। अर्जुन मुंडा 27 साल की उम्र में पहली बार 1995 में खरसांवा विधानसभा सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर विधायक बने। 1999 में भाजपा में शामिल हुए और 2003 में झारखंड के मुख्यमंत्री बने। अर्जुन मुंडा 2009 में जमशेदपुर से सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव भी रहे हैं। तीन मई 1968 को घोड़ाबांधा, खरंगाझार जमशेदपुर में जन्में मुंडा गणेश और साइरा मुंडा की संतान हैं। मुंडा परिवार के पांच बच्चों में से सबसे छोटे अर्जुन मुंडा हैं, उनके एक भाई और तीन बहनें हैं। अर्जुन मुंडा ने मीरा मुंडा से शादी की और उनके तीन बेटे हैं।

1980 में शुरू किया राजनीतिक जीवन

मुंडा का राजनीतिक जीवन 1980 से शुरू हुआ। उस वक्त अलग झारखंड आंदोलन का दौर था। अर्जुन मुंडा ने राजनीतिक पारी की शुरूआत 1995 में झारखंड मुक्ति मोर्चा से की। बतौर भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी 2000 और 2005 के चुनावों में भी उन्होंने खरसावां से जीत हासिल की। वर्ष 2000 में अलग झारखंड राज्य का गठन होने के बाद अर्जुन मुंडा बाबूलाल मरांडी के कैबिनेट में समाज कल्याण मंत्री बनाये गये।

वर्ष 2003 में विरोध के कारण बाबूलाल मरांडी को मुख्यमंत्री के पद से हटना पड़ा और राज्य की कमान 18 मार्च 2003 को अर्जुन मुंडा को पहली बार सौंपी गई। इसके बाद 12 मार्च 2005 को दोबारा उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन निर्दलीयों से समर्थन नहीं जुटा पाने के कारण उन्हें 14 मार्च 2006 को त्यागपत्र देना पड़ा।

वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। लगभग दो लाख के मतों के अंतर से जीत हासिल की। 11 सितम्बर 2010 को वे तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने। अर्जुन 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में जमशेदपुर सीट से झामुमो के दशरथ गागराई से हार गए।

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