कश्मीर में घुसपैठ की बड़ी फिराक में आतंकी, PoK में बनाए 16 नए कैंप

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दैनिक झारखंड न्यूज

नई दिल्ली । भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के बाद सीमा पार फिर से आतंकियों की हलचल बढ़ने लगी है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के 16 नए कैंप बनाए गए हैं। यहां प्रशिक्षण ले रहे आतंकी कश्मीर में घुसपैठ के लिए मौके की तलाश में हैं।

सेना के सूत्रों ने खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि पीओेके में आतंकियों के ये कैंप हाल में तैयार किए गए हैं। इनमें आतंकियों को बड़े हमले के साथ-साथ घाटी में घुसपैठ के तरीकों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की मदद से ये कैंप संचालित किए जा रहे हैं। सेना के सूत्रों का कहना है कि घुसपैठ के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सीमा पार आतंकियों की गतिविधयों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मूसा के मारे जाने से आतंकी हताश

सूत्रों के अनुसार, सेना जम्मू-कश्मीर से आतंकियों का सफाया करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। हाल में सुरक्षाबलों द्वारा आतंकी कमांडर जाकिर मूसा को मार गिराने के बाद से आतंकी संगठन काफी हताश हैं। पाक सेना और आईएसआई अब सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ कराकर घाटी में किसी बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में हैं।

स्थानीय मदद का नेटवर्क टूटा

पुलवामा हमले के बाद सुरक्षाबलों को आतंकियों के स्थानीय नेटवर्क को तोड़ने में काफी हद तक सफलता मिली है। इससे आतंकी संगठनों को अब स्थानीय युवकों से मदद नहीं मिल रही है। हाल में सेना ने राह से भटके घाटी के कई युवाओं की घर वापसी कराई है।

कश्मीरी युवकों की भर्ती घटी 

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बुधवार को कहा कि स्थानीय युवकों की आतंकी संगठनों में भर्ती तेजी से कम हुई है। पिछले पांच वर्षों में सिर्फ 40 स्थानीय युवक आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। इससे पहले के वर्षों की तुलना में यह संख्या आधी रह गई है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में अभी 275 आतंकवादियों के सक्रिय होने की सूचना है, जिनमें से 75 आतंकी विदेशी हैं।

आईएस की गतिविधियों पर भी नजर 

सेना के सूत्रों ने बताया कि कश्मीर में आतंकी संगठन आईएसआईएस भी पांव पसारने की कोशिश कर रहा है। सुरक्षाबल और दूसरी एजेंसियां उस पर निगरानी रखे हुए हैं। आईएस के सलीपर सेल सथानीय युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है।

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