वर्ल्ड फूड डे पर ग्रेसी सिंह ने वाराणसी में पसंदीदा पकवानों और फूड डेस्टिनेशन्स के बारे में कही ये बात

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दैनिक झारखंड न्यूज

वाराणसी। भारतीय पकवानों में बहुत सारी विविधतायें हैं। अगर खाने-पीने के सामानों की बात करें, तो हर जगह की अपनी कुछ खासियत होती है और कई पारंपरिक व्यंजन उस क्षेत्र से जुड़े होते हैं। खान-पान की यह विविधता भारत की एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण खासियत भी है। इस बार वर्ल्ड फूड डे के अवसर पर वाराणसी की रहने वाली और एण्ड टीवी कलाकार, ग्रेसी सिंह, जोकि संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं में संतोषी मां की भूमिका निभा रही हैं, ने वाराणसी के अपने पसंदीदा स्थानीय पकवानों और खाने-पीने की मशहूर जगहों के बारे में बात की।

गोदोवालिया बाजार में केसर और पिस्ता मिलाकर बनाया जाने वाला मल्लू का स्वाद जरूर चखना चाहिए

ग्रेसी सिंह ने कहा, वाराणसी, भारत का पवित्र शहर अपने स्ट्रीट फूड और घूमने की इच्छा रखने वालों के बीच बहुत लोकप्रिय है। इस शहर में पकवानों की एक समृद्ध परम्परा है – जिसमें कचैड़ी से लेकर जलेबी और ताजा लस्सी और ठंडाई शामिल है। एक पकवान जो सिर्फ आपको वाराणसी में मिलता है वह है- गोदोवालिया बाजार में केसर और पिस्ता मिलाकर बनाया जाने वाला मल्लू, जिसका स्वाद जरूर चखना चाहिए। लोकल स्ट्रीट फूड के लिए, मुंह में पानी लाने वाली चाट और खासकर टमाटर चाट के लिए दीना चाट भंडार जाएं, बाटी चोखा के लिए पूरन दास रोड, छोले और समोसे के लिए बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, चना दाल हींग कचैरी के लिए गोपाल मंदिर गली के पास, तंगी कचैरी के लिए राम भंडार, और राम नगर फोर्ट के बाहर लस्सी मिलेगी। यहां तक की कचैरी गली और नील कंठ भी बहुत अच्छे विकल्प हैं।

गोदोवालिया बाजार पर कटोरी चाट के साथ कई और चाट फूड भी जुड़े हुए हैं

इसके अलावा काशी चाट भंडार के टिक्की चाट भंडार भी मिस न करें। गोदोवालिया बाजार पर कटोरी चाट के साथ कई और चाट फूड भी जुड़े हुए हैं। जिन्हें मीठा पसंद है उनके लिए मलाई कप और जलेबी शानदार विकल्प हैं, और वो गोपाल मंदिर गली में वाराणसी की मिठाई भी आजमा सकते हैं। जब वाराणसी की बात हो, तो दो तरह के बनारसी पान मिलते हैं- मीठा और तीखा जो मजेदार खाने के बाद आवश्यक है। यह शहर खाने के लिए सबसे शानदार शहरों में से एक है, और मैं जब भी यहां होती हूं तो मैं अपने परिवार और दोस्तों के साथ इन जगहों पर जरूर आती हूं। इस वल्र्ड फूड डे पर, मैं हर किसी से यह अपील करना चाहूंगी कि हर टुकड़े और हमारी थाली में जो खाना है, उसका आदर करें। अपना खाना शेयर करें और भूखों को खाना खिलाएं क्योंकि यह उल्लेखनीय बदलाव लेकर आएगा।

ग्रेसी सिंह को संतोषी मां के रूप में देखिए ‘संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं‘ में, हर सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे सिर्फ एण्ड टीवी पर।

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